24 C
en

स्वामी विवेकानंद ने विश्व को भारत की महानता का दर्शन कराया : क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी



युवा दिवस पर विद्या मंदिर रामबाग में पूर्व छात्रों की संगोष्ठी, खेलकूद व सूर्य नमस्कार का आयोजन

बस्ती। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग बस्ती में विद्यालय के पूर्व छात्र परिषद के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर “आज का युवा, भविष्य का भारत” विषय पर एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अपराह्न 3 बजे प्रारंभ हुआ, जिसमें दौड़, खेलकूद एवं सूर्य नमस्कार आसन भी संपन्न कराए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्चन से किया गया। विद्यालय के संगीताचार्य श्री प्रकाश चौबे द्वारा संस्कृत वंदना प्रस्तुत की गई। अतिथि परिचय भावेष पाण्डेय ने कराया। मंच पर पुलिस क्षेत्राधिकारी बस्ती श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक श्री सर्वेन्द्र जी, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह तथा पूर्व छात्र परिषद के मंत्री एवं युवा समाजसेवी भावेष पाण्डेय उपस्थित रहे। सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

संगोष्ठी की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए भावेष पाण्डेय ने कहा कि विद्या मंदिर ने छात्रों को शिक्षा के साथ संस्कार भी प्रदान किए हैं, जो जीवन भर मार्गदर्शन करते हैं। पूर्व छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालय की भूमिका को सराहा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक श्री सर्वेन्द्र जी ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो प्रवचन का उल्लेख करते हुए युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने का आह्वान किया। उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे “पंच परिवर्तन” कार्यक्रम की जानकारी दी, जिसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, सामूहिक पारिवारिक जीवन शैली, स्वदेशी भाव का जागरण और नागरिक कर्तव्यों का बोध शामिल है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह ने स्वामी विवेकानंद के जीवन की प्रेरक घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वे बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे और अल्पायु में ही विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति की महानता का उद्घोष किया।

मुख्य अतिथि पुलिस क्षेत्राधिकारी श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व को भारत की महानता का साक्षात्कार कराया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नकारात्मक परिस्थितियों में भी सकारात्मकता खोजें, अपने मन और शरीर को मजबूत बनाएं तथा समाज के जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सहायता करें। स्वयं से शुरुआत कर ही हम स्वामी विवेकानंद के सशक्त भारत के स्वप्न को साकार कर सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन पूर्व छात्र रविकांत मिश्र ने किया तथा आगंतुकों के प्रति आभार प्रदर्शन दीपक सिंह द्वारा किया गया।

Older Posts
Newer Posts

Post a Comment

 


https://www.facebook.com/share/p/1FkqBEzeX4/