राम जन्म व नामकरण प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रोता
बस्ती: नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर ब्लाक के पोखरा पोखरनी मार्ग पर स्थित गोयरी सम्मय माता मन्दिर पर चल रहे नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा महोत्सव के छठवें दिन कथा वाचक गिरजेशदास जी महाराज ने भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण भरत शत्रुधन चारों भाइयों के नामकरण के बारे में वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जन्म की कथा एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है जो हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ और उनकी पत्नी कौशल्या के घर में हुआ था। राजा दशरथ एक धर्मपरायण और न्यायप्रिय राजा थे जिन्होंने अपने राज्य में सुख और समृद्धि की स्थापना की थी।
राजा दशरथ की तीन पत्नियाँ थीं कौशल्या, सुमित्रा, कैकेयी इनमें से कौशल्या सबसे बड़ी पत्नी थीं और उन्हें भगवान श्रीराम के जन्म का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
भगवान श्रीराम के जन्म के समय, अयोध्या में एक बड़ा उत्सव मनाया गया था। राजा दशरथ ने अपने राज्य में सुख और समृद्धि की स्थापना के सदैव तत्पर रहते थे ।
भगवान श्रीराम के जन्म के बाद, राजा दशरथ ने अपने पुत्रों का पालन-पोषण किया और उन्हें सभी प्रकार की शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान किया। भगवान श्रीराम ने अपने भाइयों के साथ मिलकर अपने पिता के राज्य में सुख और समृद्धि की स्थापना की।
कथा वाचक गिरजेश दास जी महाराज दिगम्बर अखाडा चित्रकूट बैठक पोखरा पीठाधीश्वर
ने कहा कि भगवान श्रीराम के जन्म की कथा हमें भगवान विष्णु की महिमा को दर्शाती है और यह बताती है कि भगवान विष्णु कैसे अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें संकट से बचाते हैं। यह कथा हमें भगवान श्रीराम के जीवन और उनके चरित्र के बारे में भी बताती है।
वह मां सब में माता की दिव्य झाँकी को दिखाते हुए श्री महाराज जी ने बताया की सभी देवियों आदि शक्ति है जो जगत के कल्याण के लिए अनेक अनेक रूपों में निवास करती है ।
इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य यजमान शिव पूजन गौड एवं उनकी धर्मपत्नी गेना देवी , शुशीला,श्यामा , यशोदा , रीता , सोनी , आरती आशाराम , कौशलेन्द्र पाण्डेय ,मिंटू शुक्ला , श्याम लाल कनौजिया , श्रीरामगौण , अवधेश मिश्रा ,आदि भारी मात्रा में श्रद्धालु गण उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का समापन 1 मार्च 2026 दिन रविवार को विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा जिसमें पूज्य महाराज श्री ने समस्त क्षेत्र वासियों को सादर निमंत्रण भेजा है।


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