Bahraich news : विश्व गैंडा दिवस पर वनकर्मियो ने साई एकेडमी में चलाया जागरूकता अभियान
विश्व गैंडा दिवस पर वनकर्मियो ने साई एकेडमी में चलाया जागरूकता अभियान
गैंडे के महत्व और उनकी सुरक्षा को लेकर किया जागरूक
बहराइच जिले के तहसील मोतीपुर के कतर्निया घाट के सुजौली रेंज के सुजौली में स्थित साईं एकेडमी विद्यालय में विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान चलाया गया इस दौरान विद्यालय पहुंचे वनकर्मियों ने स्कूली बच्चों को जागरुक करते हुए गैंडे की विशेषताओं के बारे में बताया
विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर सुजौली रेंज के वनक्षेत्राधिकारी रोहित यादव के निर्देशन में वनकर्मी अवध नरेश शुक्ला ने गैंडे के बारे में स्कूली बच्चों को गैंडे के बारे में जरूरी बातें बताई उन्होंने बताया कि विश्व गेंडा दिवस की सर्वप्रथम घोषणा वर्ष 2010 में डब्ल्यू डब्ल्यू एफ दक्षिण अफ्रीका द्वारा की गई थी
गैंडे की त्वचा सख्त होने की वजह से यह कीचड़ में रहना पसंद करते हैं उन्होंने यह भी बताया कि मादा गैंडा एक बार में एक बच्चे का जन्म देती है यह अवधि 16 से 18 महीने की होती है
भारत में गैंडे की पांच मौजूदा प्रजातियों में से दो हैं, भारतीय एक सींग वाला गैंडा (राइनो यूनिकॉर्निस) और छोटा जावन गैंडा (राइनो सोंडाइकस)। भारतीय गैंडा, विशेष रूप से, मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में पाया जाता है। असम में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान इस प्रजाति का वैश्विक गढ़ है और अपने सफल संरक्षण प्रयासों के लिए प्रसिद्ध है।
वही जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वनरक्षक अवध नरेश शुक्ला, वाचर विकास राजपूत , सूरज शुक्ला,विद्यालय की अध्यापक दिव्या शुक्ला ,राम सिंह के साथ काफी संख्या में अध्यापक व स्कूली बच्चे मौजूद रहे



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